कुल्लू। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कुल्लू में शिक्षा विभाग में भर्ती नए अध्यापकों के लिए इंडक्शन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वीरवार को शिक्षकों ने पाठ्यक्रम और मूल्यांकन सुधार करने की तकनीक सीखी। इसके अलावा शिक्षकों को पाठ्यचर्या-2005 की रूपरेखा बताई गई।
पहले सत्र में समन्वयक शमशेर ठाकुर ने सीखने के प्रतिफल और सीखने के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक को सीखने के उद्देश्यों को निर्धारित करना चाहिए। प्रशिक्षण से ही क्षमता और अनुभव बढ़ता है।
वहीं, दूसरे सत्र में अनुभाग अधिकारी वित्त अभिषेक और चमन ने सरकारी सेवा नियम 1964 के बारे में जानकारी दी। डॉ. चमन प्रकाश ने राष्ट्रीय पाठयचर्या-2005 की रुपरेखा और एनसीएफ-2005 की पांच प्रमुख विशेषताओं के बारे में बताया। संवाद