यूक्रेन से कुल्लू पहुंची तितिक्षा अपने परिजनों के साथ। संवाद।
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कुल्लू। दिसंबर 2021 को डॉक्टरी की पढ़ाई करने यूक्रेन गई कुल्लू के गांधीनगर की तितिक्षा कुशल अपने घर पहुंच गई है। वह वीरवार रात को करीब तीन बजे घर पहुंची हैं। लेकिन तितिक्षा अब अपने सहेलियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। घर पहुंचने पर तितिक्षा ने बताया कि अभी कीव हवाई अड्डे में उनके मेडिकल कॉलेज के भारत सहित अन्य देशों के करीब 200 छात्र-छात्राएं फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कैश व पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हवाई अड्डे में बैठने की भी जगह नहीं थी और उन्हें घंटों तक खड़ा रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें रूस और यूक्रेन के बीच हुए विवाद की कोई जानकारी नहीं थी। टीवी देखने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक ने उनको इसकी सूचना दी कि जो घर जाना चाहते हैं वे अपनी तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि वह 23 फरवरी दोपहर ढाई बजे कीव से आईं और अगले दिन सुबह होने से पहले हवाई अड्डे को खाली करवाया गया। बेटी के घर पहुंचने पर माता-पिता व परिजनों ने राहत की सांस ली है। उधर, यूक्रेन में अभी भी जिला कुल्लू के आठ विद्यार्थी फंसे हुए हैं। कटराईं के यूक्रेन में फंसे भाई-बहन के पिता विवेक गौतम ने कहा कि उनके बच्चों को यूनिवर्सिटी ने सुरक्षित जगह पर रखा है। कहा कि अब चारों तरफ से रूस का हमला हो रहा है। ऐसे में उन्हें होस्टल में बुलाकर सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कहा कि बच्चों को अस्थायी वीजा से हंगरी के रास्ते भारत लाने की तैयारी की जा रही है। विवेक गौतम ने कहा कि सरकार ने बच्चों को निकालने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन जिस तरह के हालत यूक्रेन में हैं इससे परेशान हैं।