कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को एक शिशु रोग विशेषज्ञ मिला है, लेकिन चिकित्सक ने आदेश के 15 दिन बाद भी सेवाएं शुरू नहीं की हैं। स्वास्थ्य निदेशालय ने चार अगस्त को अधिसूचना जारी की है। बावजूद विशेषज्ञ ने ज्वाइन नहीं किया है। वर्तमान में एक ही विशेषज्ञ अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी लंबे समय से चल रही है। एक ही विशेषज्ञ होने से मरीज बच्चों समेत परिजनों को भी परेशान होना पड़ता है। विशेषज्ञ के लिए दिक्कत है कि वह ओपीडी में उपचार करे या वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच। अस्पताल में चार जिलों के मरीज उपचार करवाने पहुंचते हैं।
इसके चलते अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 800 के करीब रहती है। इसमें शिशु रोग ओपीडी 120 से 150 के बीच रहती है। अगर विशेषज्ञ चिकित्सक ज्वाइन करें तो इससे काफी हद तक परेशानी कम होगी। बच्चों का उपचार करवाने अस्पताल पहुंची पाहनाला की सीमा देवी तथा लगवैली की निर्मला देवी ने कहा कि सुबह से वे अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं।
ओपीडी में भीड़ अधिक है। एकमात्र डाॅक्टर ओपीडी में बैठे या फिर वार्ड में उपचाराधीन मरीजों का इलाज करे। कहा कि अगर दो डाॅक्टर होंगे तो मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही चिकित्सकों का भी बोझ कम होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक जल्द अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। कुल्लू-मंडी का संपर्क कटने के कारण विशेषज्ञ नहीं आ पाए हैं। कहा कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. तेंजिन सेवाएं दे रही हैं।
.....
सुबह दो घंटे सीएमओ करते हैं बच्चों का उपचार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में आने वाले बच्चों का उपचार स्वयं करते हैं। वह सुबह के समय 9:30 से 11:30 बजे तक शिशु रोग ओपीडी में बैठ कर बच्चों का उपचार करते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक इस समय अवधि में उपचाराधीन बच्चों का हाल जानती है। बता दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार शिशु रोग विशेषज्ञ भी हैं।