रोहतांग/मनाली (लाहौल-स्पीति)। मौसम की बदलने से जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। मुख्य सड़कों के साथ लाहौल के संपर्क मार्गों पर यातायात अवरुद्ध होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं, हालांकि सीमा सड़क संगठन ने सिस्सू के नर्सरी से अटल टनल रोहतांग के नोर्थ पोर्टल तक सड़क से बर्फ को हटाकर बहाल कर दिया है।
लाहौल घाटी में यह सर्दी का तीसरा हिमपात है। इसे पहले नवंबर में दो बार बर्फबारी हो चुकी है। नए साल के मौके पर हुई बर्फबारी से न केवल कुल्लू-मनाली और लाहौल के पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि कृषि और बागवानी के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।
बहरहाल, लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को दूसरे दिन भी ताजा बर्फबारी को दौर जारी रहा। रोहतांग दर्रा सहित सोलंगनाला, धुंधी, अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर के साथ ग्रांफू, छतड़ू, चंद्रताल, बड़ा और छोटा शिगरी ग्लेशयर, कुंजम दर्रा, बारालाचा, घेपन पीक, शीति नाला, हनुमान टिब्बा, मकवरे, शिकवरे, सेवप सिस्टर पीक, हामटा पास की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। लाहौल के पूरा रिहायशी क्षेत्र भी बर्फ से सफेद हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार रोहतांग दर्रा पर 50 सेंटीमीटर ताजा बर्फ रिकार्ड की गई, जबकि बारालाचा में 60, कुंजम दर्रा पर 45, ग्रांफू में 20, कोकसर में 15, अटल टनल के नोर्थ में 20, साउथ में 25 और सोलंगनाला में 15 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने कहा कि अटल टनल रोहतांग अभी पर्यटक वाहनों के लिए पूरी तरह से ठप है।