कुल्लू/खराहल। आराध्य देवता जुआणी महादेव के सम्मान में मनाया जाने वाला जुआणी शाउण मेला न्योली में वीरवार को आरंभ हो गया। तीन दिन तक मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन देवता, कारकूनों और गूरों के साथ करेंगे। वीरवार सुबह पांच बजे पिंडी के मोहरे को ऐतिहासिक शिवलिंग पर देवता के पंडित महेश शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मधुर ध्वनि के बीच सुशोभित किया।
मोहरे के सुशोभित होने के साथ घाटी के नौ गांवों के हारियान खेतों में लोहे के औजार से कृषि कार्य नहीं कर सकेंगे। यह आदेश तीन दिन तक लागू रहेगा। मंदिर में मोहरे के दर्शन के लिए तीन दिन तक खासी भीड़ उमड़ेगी। संध्याकाल में देवता जुआणी महादेव ने मंदिर की परिक्रमा की। सौह में गूर ने देवखेल भी की। इस मौके पर मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी।
शुक्रवार को विश्राम का दिन रहेगा। शनिवार को देव परंपरा का निर्वहन फिर से देवता कारकूनों और गूरों के साथ करेंगे। रविवार को देवी-देवताओं का आगमन होगा और देव परंपरा को निभाया जाएगा। महादेव युवा मंडल के प्रधान गोपाल महंत ने कहा कि 20 अगस्त को वॉलीबाल प्रतियोगिता होगी। इसमें करीब एक दर्जन टीमें भाग ले रही हैं।
देवता के कारदार ओमप्रकाश महंत ने कहा कि मेले में देवी-देवताओं को निमंत्रण देेने पर विचार-विमर्श चल रहा है। पिंडी के मोहरे का भंडारण रविवार की सुबह होगा। इसके बाद ही खेतों में लोहे के औजार से कार्य शुरू होंगे। संवाद