कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की पहली सांस्कृतिक संध्या मेें पार्श्व गायक शाहिद माल्या की आवाज का जादू चला। उन्होंने दर्शकों को अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से झूमने पर विवश किया। उन्होंने गुम है, गुम है, बह गया हंजुआ दा दरिया, कोई दिल बेकाबू कर गया आदि गीत गाए।
पहली सांस्कृतिक संध्या रविवार शाम करीब 05:30 बजे आरंभ हुई। सांस्कृतिक संध्या में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने मुख्यातिथि का परंपरानुसार स्वागत किया। वहीं, सांस्कृतिक संध्या में ऑडिशन की परीक्षा उत्तीर्ण कर कलाकेंद्र के मंच पर पहुंचे प्रदेशभर के कलाकारों ने बारी-बारी से अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों ने कुल्लवी, पहाड़ी, पंजाबी और फिल्मी गीतों व नृत्यों की प्रस्तुुतियों से संध्या को आकर्षक बनाया।
पहली सांस्क्ृतिक में शाइना ग्रुप की ओर से पेश किया गया फैशन शो को दर्शकों ने खूब पसंद किया। सांस्कृतिक दल गदेहड़ ने मनमोहक कुल्लवी नाटी की प्रस्तुति दी। कलाकारों में देश शोभला हिमाचल म्हारा, जेड़ा चमकू सरगा रा तारा, रेणु लाड़यिये, ऐजे म्हारी मनाली वे, थिंपू चित्रा लाना, मूं भी नोचदे जाना, शाहू कारे री शोहरी शागा चोरदी हैरी आदि कुल्लवी गीतों पर नाटी प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। श्रीलंका के सांस्कृतिक दल की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। विदेशी कलाकारों ने मंच पर उत्कृष्ट प्रस्तुति से श्रीलंका की संस्कृति और वेशभूषा से रूबरू करवाया। इसके बाद करीब 09:20 बजे संध्या के स्टार कलाकार पार्श्व गायक शाहिद माल्या ने कलाकेंद्र के मंच पर अपनी प्रस्तुति शुरू की। 40 मिनट की प्रस्तुति में उन्होंने अपने गीतों की लड़ी से कलाकेंद्र की दर्शक दीर्घा में उपस्थित दर्शकों को झुमाया।