कुल्लू। जिले में प्रशासन ने आपदा के बाद स्कूलों को खोलने का फरमान तो जारी कर दिया है, लेकिन इस बात का ख्याल नहीं रखा कि बच्चे स्कूलों तक कैसे पहुंचेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते और सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, तो शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत जारी है। ऐसे में विद्यार्थी स्कूलों तक कैसे पहुंच पाएंगे।
शुक्रवार को कुछ निजी स्कूलों का प्रतिनिधिमंडल उपमंडलाधिकारी कुल्लू विकास शुक्ला से मिला और स्कूल बसों के लिए डीजल उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। नगर परिषद कुल्लू के वार्ड नंबर 11 की पार्षद अमीना राजगौर ने कहा कि निजी स्कूलों की बसों में डीजल की किल्लत शुरू हो गई है।
स्कूलों में विद्यार्थियों की फर्स्ट टर्म की परीक्षाएं जारी हैं, लेकिन डीजल न होने की वजह से बसें खड़ी हो गई हैं। बच्चों को स्कूलों तक लेकर आना और वापस पहुंचाना समस्या बन गया है। उन्होंने कहा कि बिना डीजल बसें कैसे दौड़ेंगी।
प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए। कहा कि एक ओर स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए हैं और व्यवस्था न होने से स्कूल प्रबंधन, अभिभावक और बच्चे दुविधा में हैं। इस संबंध में उपमंडलाधिकारी विकास शुक्ला ने कहा कि जिले तक पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के वाहन पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। संवाद