न्यूली (कुल्लू)। सैंज-न्यूली-शैंशर रूट पर चलने वाली एचआरटीसी की बस गंतव्य तक नहीं पहुंच रही है। बस शैंशर से 14 किलोमीटर पीछे पावर हाउस न्यूली से ही लौट रही है। इस कारण शैंशर की सवारियों को 14 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है।
दो साल से सात ग्राम पंचायतों को यह दिक्कत उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों, मरीजों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के बार-बार आग्रह के बावजूद निगम बस को शैंशर तक नहीं चला रहा है।
एचआरटीसी की बस पूर्व में सुबह 06:45 बजे शैंशर से सैंज, 11:15 बजे सैंज से शैंशर, 01:15 बजे शैंशर से सैंज और शाम 04:45 बजे सैंज से शैंशर के लिए रवाना होती थी। शैंशर में ही बस का रात्रि ठहराव होता था। दो साल से बस सेवा न्यूली पावर हाउस तक ही जारी है।
ग्रामीण नीमत राम, भोला राम, आलम चंद, रामलाल, भगत राम ने कहा कि शैंशर तक बस न चलने से करीब सात पंचायतों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कहा कि सैंज-शैंशर रूट पर बस चलने से ग्राम पंचायत सुचैहण, रैला-एक, रैला-दो, शांघड़, शैंशर, गाड़ापारली और देहुरीधार के ग्रामीणों को सुविधा मिलती थी।
अब टैक्सी का भारी भरकम किराया अदा करना पड़ रहा है। बस अड्डा प्रभारी औट भुवनेश्वर दत्त ने कहा कि रूट परमिट न होने के चलते बस न्यूली पावर हाउस तक चलाई जा रही है। न्यूली से आगे शैंशर तक बस सेवा जारी रखने के लिए परमिट की अनुमति के लिए फाइल भेजी गई है। संवाद