गत साल मई में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया था रास्ता
10 माह बाद नहीं ली सुध, 60 विद्यार्थी करते हैं आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की राजकीय उच्च पाठशाला बनाला में स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। जुलाई 2023 को आई प्राकृतिक आपदा में स्कूल को जाने वाला पैदल रास्ता भूस्खलन होने से पूरी तरह से खस्ताहाल हो गया है। आपदा के 10 माह बाद भी इस पैदल रास्ते को दुरुस्त नहीं किया गया है। इस रास्ते से पांच गांवों के करीब 60 विद्यार्थी रोज स्कूल आवाजाही करते हैं। अभिभावकों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पंचायत और प्रशासन से पैदल रास्ते को जल्द दुरुस्त करने की मांग मांग की है। बनाला स्कूल में रोहालचा, फनौटी, निचली फनौटी, बनाला सहित धार गांवों के करीब 60 छात्र-छात्राएं रोज स्कूल पहुंचते हैं मगर बनाला गांव के साथ यह रास्ता गरटगाड़ होकर गुजरता है। उतार-चढ़ाव वाले इस रास्ते का कई जगह भूस्खलन के कारण नामोनिशान मिट गया है। ऐसे में इन पांचों गांव के विद्यार्थियों के लिए यह रास्ता सुरक्षित नहीं है। स्कूली बच्चों के लिए यह रास्ता काफी नजदीक पड़ता है। अभिभावक कुमार सिंह, संजय कुमार, झगड़ सिंह तथा केहर सिंह ने कहा कि जुलाई 2023 को जिस जगह भूस्खलन हुआ था, वहां पर डंगे का निर्माण कर दिया है लेकिन 500 मीटर रास्ते को नहीं बनाया गया। कहा कि रास्ता बुरी तरह से खराब होने से विद्यार्थियों को एक-दूसरे के हाथ को पकड़ कर आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस आम रास्ते से न केवल विद्यार्थी सफर करते हैं बल्कि क्षेत्र के लोगों का भी इसी रास्ते से आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने पंचायत और प्रशासन से विद्यार्थियों सहित आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस रास्ते को दुरुस्त करने की मांग की है। स्थानीय पंचायत प्रधान दौलत चौहान ने कहा कि रास्ते को दुरुस्त करने का पंचायत से एक प्रस्ताव डालकर जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।