कुल्लू। आपदा के समय बाढ़ की चपेट में आए लगौटी स्कूल की किसी ने सुध नहीं ली है। स्कूल के साथ बहते कुठेड़ नाले की बाढ़ में स्कूल के तीन भवनों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान साइंस लैब को हुआ है जिसके दो कमरे पूरी तरह से बह गए हैं।
पिलर और लेंटर का हिस्सा बचा है। इसके अलावा शिक्षकों के लिए बने गुरुकुल के चार कमरों को बाढ़ से नुकसान पहुंचा था। जिला आपदा प्रबंधन से डेढ़ लाख की राशि मिली थी। इससे एक मंजिल के दो कमरों का निर्माण किया गया।
दो कमरों में पत्थर और मलबा पड़ा है। तीसरे भवन की दीवार और डंगों को भी नाला बहाकर ले गया है। ऐसे में यह भवन भी गिरने के कगार पर है। स्कूल प्रबंधन समिति लगौटी के अध्यक्ष परसराम चौहान, सदस्य नवल कुमार, रीना देवी, आशा देवी, गुड्डी देवी, ध्यान सिंह, दलीप, प्रकाश चंद, उर्मिला देवी, उतरा देवी, भाग चंद और हीरा देवी ने कहा कि आपदा को आए छह माह का समय बीत गया है।
सरकार और शिक्षा विभाग ने अभी तक बजट जारी नहीं किया है। बाढ़ से भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्कूल में छठी से जमा दो तक फनौटी, करशैईगाड़, टकरासी और लगौटी पंचायतों के 180 विद्यार्थी अध्ययनरत है। स्कूल प्रबंधन समिति ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द बजट जारी किया जाए।
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आपदा प्रबंधन से डेढ़ लाख रुपये की राशि मिली थी। इस राशि से गुरुकुल के दो कमरों का मलबा और पत्थर निकाल कर इसकी मरम्मत करवाई गई। इसके बाद बजट नहीं मिला। सरकार जल्द से जल्द राशि जारी करे।
-परस राम चौहान, अध्यक्ष, स्कूल प्रबंधन समिति लगौटी
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आपदा में जिन-जिन स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, बजट के लिए उनकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी है।
-शांति लाल शर्मा, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू