लाहौल की परिक्रमा से पहले राजा घेपन के देवरथ को तैयार करने में जुटे कारकून। संवाद
केलांग/रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल की परिक्रमा के लिए राजा घेपन और माता देवी बोटी के रथ सज गए हैं। 21 अक्तूबर को तिनन और खंगसर गांव के समीप गुंचलिंग में देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन होगा।
22 अक्तूबर को देवलोक नजारे को देखने के लिए घाटी के हजारों लोगों की भीड़ उमड़ेगी। देवलोक का नजारा देखने से पूर्व राजा घेपन का शाशिन गांव में अपनी मां जंगड्रुल से मिलन होगा। माता केवाग गांव से आएंगी। मिलन के बाद राजा घेपन मां को लाहौल की परिक्रमा में साथ ले जाते हैं। राजा घेपन की इस परिक्रमा में देवी बोटी भी साथ निकलेंगी।
लाहौल क्षेत्र में राजा घेपन और देवी बोटी की परिक्रमा तीसरे साल होती है। इस रथयात्रा में पट्टन घाटी से अठारह नाग, देवी हिडिंबा भी शरीक होते हैं। देवताओं की इस यात्रा का लाहौल के लोगों में बेसब्री से इंतजार रहता है। रथों में विराजमान देवी-देवता भक्तों की जय जयकार और धूप नैपथ्य की खुशबू के बीच देव मिलन करेंगे।
शुक्रवार को देवता राजा घेपन, देवी बोटी के साथ शुलिंग गांव के देवता मोगर, रालिंग के देवता ड्राबला, खले के देवता लुंगखोरबल, ट्रिलिंग के देवता शलवर, गोंधला के देवता मेलंग तेते, सक्कर के देवता नागराजा का रथ सज गया है।
राजा घेपन कमेटी के अध्यक्ष गोविंद ने बताया कि शनिवार को ये सभी देवी-देवता गुंचलिंग में एकत्रित होंगे। दो दिन तक क्यासंदोर मनाया जाएगा तथा देवताओं के गूर और पुजारी भविष्यवाणी करेंगे। एसपी लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने कहा कि परिक्रमा के दौरान देवी- देवताओं की सुरक्षा कड़ी रहेगी। संवाद