कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू 15 दिन बीत जाने के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग-03 से नहीं जुड़ पाया है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। डबललेन भूतनाथ पुल साढ़े चार सालों से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है जबकि बैली ब्रिज भी 15 दिनों से आवाजाही के लिए बंद कर दिया है।
भूतनाथ पुल के पास सड़क धंसने के कारण अब यह पुल भी पैदल आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। खराहल घाटी की नौ ग्राम पंचायतों के ग्रामीण और मनाली, नग्गर के लोग डबललेन भूतनाथ पुल के दोनों मुहानों पर सड़क धंसने के कारण जान जोखिम डालकर ब्यास को पार करने के लिए मजबूर हैं। जरा सी चूक लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
अखाड़ा बाजार से लेकर भूतनाथ तक तीन पुल हैं। इनमें दो वाहनों और एक पैदल पुल शामिल है लेकिन ये तीनों पुल आवाजाही के लिए बंद हैं। लोग पैदल पुल टापू और भूतनाथ पुल के पास से जान जोखिम में डालकर ब्यास को पार कर रहे हैं। बात अगर खराहल की करें, तो नौ में से आठ पंचायतें जिला मुख्यालय के ठीक सामने हैं।
ऐसे में सैकड़ों नौकरीपेशा समेत अन्य ग्रामीण पैदल ही इन तीन पुलों को पास कर कुल्लू शहर पहुंचते हैं, लेकिन पुल बंद होने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर कुल्लू पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीण रोहन, सुभाष, आशीष, मोनिका, शिवानी, अतुल, सोमदेव ने कहा कि जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचने के सभी मार्ग बंद हैं।
भूतनाथ से पहले दो किलोमीटर दूर रामशिला और वहां से पुल पार कर तीन से चार किलोमीटर का सफर कर ढालपुर पहुंचना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसके धीमान ने कहा कि बैली ब्रिज का मरम्मत कार्य जारी है। इसे जल्द आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। संवाद
.....
जाम से बचने के लिए भूतनाथ में पार्क करते हैं वाहन
वाहनों की आवाजाही के लिए डबललेन भूतनाथ और बैली ब्रिज बंद हैं। ऐसे मेें खराहल, मनाली और भेखली की ओर से छोटे-बड़े वाहनों को अखाड़ा बाजार होकर भेजा जा रहा है। यह सड़क वार्ड नंबर एक रामशिला में बिल्कुल संकरी है। एक समय में एक ही वाहन गुजर सकता है। इस कारण जाम लग रहा है। जाम से बचने के लिए लोग वाहनों को भूतनाथ और टापू में पार्क कर पैदल कुल्लू पहुंचते हैं।