सैंज (कुल्लू)। घाटी की सुचैहण पंचायत के करटाह गांव पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बीते साल जुलाई में हुई भारी बारिश के कारण गांव के नीचे दरारें उभर आई थीं। गांव के आसपास अभी भी भूस्खलन का सिलसिला जारी है। इससे लोग सहम गए हैं। जुलाई में पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से गांव के निचले हिस्से में भारी नुकसान हुआ है।
यहां 10 मकान पूर्ण रूप से नष्ट हुए हैं और 20 बीघा से अधिक जमीन नदी में बह चुकी है। अब गांव के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक अधिक बरसात में लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीण उत्तम राम, राम सिंह, राजेंद्र, लाल सिंह, चुन्नी लाल, गुडू, संजू, नारायण सिंह, प्रेम सिंह और बिहारी लाल ने बताया कि गांव के नीचे जमीन लगातार दरक रही है। इससे गांव के एक दर्जन घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि जुलाई में प्रशासन की टीम ने गांव का दौरा किया था और गांव को बचाने का आश्वासन दिया था। अभी तक कोई उनकी सुध नहीं ली गई है। भूस्खलन से उनकी उपजाऊ भूमि तबाह हो रही है। ग्राम पंचायत सुचैहण की प्रधान सीतावती ठाकुर के कहा कि गांव की स्थिति से प्रशासन को अवगत करवाया गया है।
मनरेगा के तहत घरों को बचाने का काम किया जा रहा है। एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि गांव का पुनः दौरा कर हालात का जायजा लिया जाएगा और राहत एवं बचाव कार्य को गति दी जाएगी। संवाद