भूस्खलन से बताह हुए बालू प्राइमरी स्कूल के दो कमरे। संवाद
कुल्लू। बरसात में बाढ़ व भूस्खलन आम लोगों के लिए सिर दर्द बन रहा है। ऐसा ही मामला मंगलवार को रघुपुरघाटी के करशैइगाड़ पंचायत के बालू गांव में सामने आया है। क्षेत्र में रातभर से भारी बारिश हो रही थी। मंगलवार सुबह 11:00 बजे के आसपास लोग अपने काम से व्यस्त थे। इस दौरान अचानक हुए भूस्खलन ने दो गोशालाओं के साथ प्राइमरी स्कूल बालू के भवन को भी अपनी चपेट में लिया। हीरा लाल व झगड़ सिंह की गोशालाएं भूस्खलन का मलबा व चट्टानें गिरने से तहस नहस हो गईं। हीरा लाल की गोशाला में एक गाय सुरक्षित बची जबकि तीन भेड़ें मलबे में दब गईं। वहीं झगड़ सिंह की गोशाला में दो भेड़ें व एक बछड़ी की दबने से मौत हो गई। बालू स्कूल का भवन की क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना के बाद करशैइगाड़ पंचायत की प्रधान शारदा राणा और फनौटी पंचायत के प्रधान दौलत चौहान मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना प्रशासन को दी। भूस्खलन में देवी सिंह व हीरा लाल के 30 फलदार सेब के पेड़ भी मलबे में बह गए। वहीं गांव के चार घरों को अब भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। एहतियातन चारों घरों को खाली करवाया गया है और परिवार के लोग गांव में दूसरे घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रत्यक्षदर्शी चमन लाल ने कहा कि एकाएक हुए भूस्खलन से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। उन्होंने कहा घटना में प्राइमरी स्कूल बालू के दो कमरे व एक रसोई पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। देवी सिंह, हीरा लाल, झगड़ सिंह व मोहर सिंह के घरों को खतरा हो गया है। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से बालू गांव को हुए नुकसान की रिपोर्ट राजस्व विभाग से मांगी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद की जाएगी।