जिला लाहौल स्पीति में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शीतकालीन पर्यटन व पर्यावरण स?
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उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। लाहौल-स्पीति प्रशासन की ओर से विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शुरू की कयाकिंग युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर जरिया बन सकता है।
चंद्रभागा की धारा में चल रही तीन दिवसीय कयाकिंग के दूसरे दिन मंगलवार को गिमनिर सिंह, विनोद, आशीष पांडे, लवेश कुमार और गोपाल नेगी ने सिस्सू हेलीपैड से तांदी संगम तक कयाकिंग का रोमांच कर सैलानियों को आकर्षित करने का संदेश दिया। साहसिक गतिविधियों में स्कीइंग, राफ्टिंग के बाद कयाकिंग भी यहां के विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देगा।
ऐसे में सैलानी चंद्रभागा नदी में करीब 75 किलोमीटर के दायरे में कयाकिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से शुरू की इस पहल का घाटी के युवाओं के साथ साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों में सराहा है। बर्फीली वादियों के साथ पर्यटन अब बर्फ के साथ ही यहां की पवित्र जलधारा चंद्रानदी का भी आनंद ले पाएंगे।
तीन दिन तक चल रहे अभियान का मकसद लाहौल घाटी में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। अटल टनल बनने के बाद पिछले दो सालों में लाखों सैलानी लाहौल की हसीन वादियों के साथ स्कीइंग, राफ्टिंग तथा स्केटिंग का लुत्फ उठा रहे हैं। छह माह तक बर्फ से सफेद रहने वाली लाहौल में विंटर पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति सुमित खिमटा ने बताया कि जिले में विंटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। इस को बढ़ावा देने के लिए पर्वतारोहण संस्थान मनाली के सहयोग से कयाकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को अंतिम दिन एक्सपर्ट तांदी संगम से जोबरंग पुल तक कयाकिंग की।