कुल्लू। दशहरा उत्सव में इस बार पांच देवी-देवता दशकों बाद आ रहे हैं। कारदार संघ ने इन देवी-देवताओं के लिए बैठने की जगह का चयन कर लिया है। 32 साल बाद दशहरा में आने वाले सिमसा के कार्तिक स्वामी शहीद बालकृष्ण सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढालपुर में बैठेंगे। देवता के देवलुओं ने दशहरा में आने की तैयारी कर ली है।
हारियानों में भी देवता के 32 सालों बाद दशहरा में शामिल होने को लेकर खुशी की लहर है। शाट के गौतम ऋषि ढालपुर मेला मैदान में ही डेरा लगाएंगे। गौतम ऋषि दशहरा में 50 सालों के बाद शामिल हो रहे हैं।
राजा की चानणी के समीप ही देवता का अस्थायी शिविर लगेगा। निरमंड में सराहण के देवता बूढ़ा सराहणी, नौर के देवता मार्कंडेय, कुशवा की भगवती माता को भी बिठाने की जगह मेला मैदान में ही चिह्नित की है। दशहरा उत्सव में सात दिन भगवान रघुनाथ अपने अस्थायी शिविर में रहेंगे। दशहरा के लिए भगवान रघुनाथ का अस्थायी शिविर सजना शुरू हो गया है। वीरवार को भगवान रघुनाथ के शिविर को सजाने का काम चलता रहा।
शनिवार से अन्य देवी-देवताओं के कारकूनों की ओर से अपने देवताओं के लिए अस्थायी टेंट लगाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जिला देवी-देवता कारदार संघ के जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि देवता कार्तिक स्वामी को दशहरा में बैठने के लिए जगह ढालपुर स्कूल में चिह्नित की गई है। देवताओं की दशहरा में आने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। संवाद