बिजली महादेव में काहिका उत्सव की तैयारी में जुटे देवलू।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। बिजली महादेव के सम्मान में तीन दिवसीय काहिका उत्सव बुधवार को शुरू हो गया है। मेले में माहुटी नाग, माता भागा सिद्ध पीणी और देवता छमाणी नारायण पहुंचे। बिजली महादेव से तमाम देवी-देवताओं का भव्य मिलन देव परंपरा के अनुसार हुआ। वीरवार को देवी-देवता मेले में देव परंपरा का निर्वहन देव विधि विधान के मुताबिक करेंगे। माता भागासिद्ध बंदल गांव के लिए रवाना होंगी। छमाणी नारायण भी इसी दिन अपने देवालय लौटेंगे। बताया जाता है कि काहिका उत्सव में नड़ बहाह के समय अन्य देवी-देवता भाग नहीं लेते हैं। नड़ बदाह की रस्म अकेले बिजली महादेव ही निभाते हैं। बुधवार को मथान में देवी-देवताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर
देव नृत्य किया। मंदिर की परिक्रमा देव विधि के अनुसार की गई। इस दौरान मंदिर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। उत्सव के दौरान शुक्रवार को नड़ बदाह होगा। अचेत और जिंदा होने का यह खेल बिजली महादेव के परिसर में आयोजित होगा। इसके लिए देवलुओं ने तमाम तैयारियां कर ली हैं। देवता के आशीर्वाद से नड़ मूर्छित हो जाएगा। उसके बाद नड़ पत्नी के आग्रह पर मूर्छित नड़ को जीवित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। देवता के कारदार विनेंद्र जबाल ने कहा कि काहिका उत्सव तीन साल के बाद बिजली महादेव के मंदिर मथान में मनाया जाता है। काहिका उत्सव में अनहोनी को टालने के लिए लोगों पर जौ के आटे का भी छिड़काव किया जाता है। शुक्रवार को नड़ बदाह किया जाएगा। इस उत्सव का देखने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ेेंगे।