कुल्लू। जिला कुल्लू के कई क्षेत्रों में नकदी फसल लहसुन पीली पड़ने लगी है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में नकदी फसल लहसुन की पैदावार साल दर साल बढ़ रही है।
किसान लहसुन की खेती को तरजीह दे रहे हैं। कुल्लू के निचले क्षेत्रों में किसान लहसुन का उत्पादन बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। जिला कुल्लू में 1,500 से 1,800 हेक्टेयर भूमि में लहसुन की खेती की जा रही है। अब यह फसल पीली पड़ने लगी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने का डर सता रहा है।
किसान बुधराम, आत्मा राम, मोहन लाल, आलम चंद, हिरालाल, लालचंद, रविंद्र, सोभा राम आदि ने कहा कि इस साल बारिश भी समय पर हुई है। बावजूद लहसुन की फसल पीली पड़ रही है। अगर समय रहते बीमारी की रोकथाम न हुई, तो फसल को नुकसान हो सकता है।
इससे फसल के उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा, जिसके कारण किसानों की दिक्कतें बढेंगी। उन्होंने विभाग से समस्या का समाधान करने की अपील की है।
इस संबंध में कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक पंजवीर ठाकुर ने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में लहसुन की फसल में पीलापन देखने को मिल रहा है। किसान फसल को पीलेपन से बचाने के लिए एक लीटर पानी में एक से 1.5 मिली लीटर प्रोपिकोनाजोल का घोल बनाकर छिड़काव करें। कहा कि लहसुन को कीटों से बचाने के लिए मेलाथियान का छिड़काव भी किया जा सकता है।
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खेत में एक ही फसल की बार-बार न करें बिजाई
किसान खेत में एक ही फसल की बिजाई बार-बार न करें। इससे भूमि की उर्वरता कम हो जाती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एक फसल के बाद उस खेत में दलहनी फसलों की बिजाई करें, ताकि उर्वरता बनी रह सके। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों के खेतों के निरीक्षण कर रहे हैं। लहसुन की फसल को बीमारियों से बचाने के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है।