सैंज (कुल्लू)। रोजगार की मांग को लेकर लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधि सातवें दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे रहे। ग्रामीणों ने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है। अनशन पर बैठे लागों ने परियोजना प्रबंधन को दोटूक कहा कि रोजगार दो या काम बंद करो। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर हमला बोला है। ग्रामीणों ने कहा कि क्रमिक अनशन से बात नहीं मानी तो आमरण अनशन किया जाएगा। पंचायत की प्रधान कांता महंत ने बताया कि पंचायत के ग्रामीण बीते सात दिनों से क्रमिक अनशन कर रोजगार की मांग कर रहे हैं। एनएचपीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है। आरती देवी, निर्मला देवी और ममता देवी आदि पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि जब तक पार्वती परियोजना चरण तीन में पंचायत के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिए जाने की मांग अंतिम सांस तक उठाई जाएगी। जल्द ही आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। सात दिन बीत जाने के बाद भी पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सुध लेने से जाहिर होता है कि प्रशासन को जनता की कोई चिंता नहीं है। अभी तक न सरकार का कोई नुमाइंदा अनशन स्थल पर आया है और न ही प्रशासन की ओर से वार्ता का कोई न्योता मिला है। अनशनकारियों से दूरी बनाने से आंदोलन के तूल पकड़ने लगा है। विस्थापित नेता झाबे राम ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन का यही रवैया रहा तो लारजी पंचायत की जनता आमरण अनशन पर बैठेगी। पंचायत प्रधान कांता महंत ने कहा कि एनएचपीसी से पंचायत के लोग खफा हैं। सरकार भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि पार्वती परियोजना में अपनी मातृभूमि को कुर्बान करने वाले लोगों को एनएचपीसी प्रबंधन ने सरकार के संरक्षण में आंख दिखानी शुरू कर दी है। वहीं वीरवार को सातवें दिन अनशन पर बैठे ग्रामीणों से मिलने जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी और जिला परिषद सदस्य दुष्यंत ठाकुर भी पहुंचे। जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी ने कहा कि लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधि क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। जिला पंचायतीराज प्रमुख होने के नाते वह लारजी पंचायत के ग्रामीणों के साथ है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रोजगार की इस मांग को सरकार तक पहुंचा कर स्थायी समाधान किया जाएगा।