कुल्लू। ढाई माह से जिला में बरसात कहर बनकर बरस रही है। सोमवार रात को भी जिला के कई इलाकों में भारी बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हाईवे के साथ जिला की ग्रामीण सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। मनाली को छोड़कर सबसे अधिक नुकसान कुल्लू, बंजार और आनी-निरमंड खंड को हुआ है। मनाली में सबसे कम तीन सड़कें बंद हैं जबकि कुल्लू में 30, बंजार में 34 और आनी-निरमंड में सबसे अधिक 37 सड़कें शामिल हैं। आम लोगों के साथ स्कूल-कॉलेज व नौकरी पेशा लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। किसानों-बागवानों को सेब, टमाटर व गोभी को मंडियों तक पहुंचाने में खासी दिक्कत हो रही है। कई जगह सड़कें बंद होने से सेब फंसा हुआ है। बागवान रमेश कुमार, किशोरी लाल, सुंदर सिंह, बेली राम और किशन चंद ने कहा कि मौसम की मार बागवानों की पड़ रही है। वहीं बारिश से कुल्लू खंड में जलशक्ति विभाग की 39, बंजार के लारजी में पांच, आनी-निरमंड में 19 पेयजल व सिंचाई योजनाओं ने जवाब दे दिया है। ऐसे में शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी के लिए लोगों को परेशानी होना पड़ रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि बरसात से बंद सड़कों, पेयजल व बिजली आपूर्ति को बहाल करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।