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अवैध खनन रोकने में माइनिंग विभाग नाकाम

Sun, 10 Jul 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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जिला कुल्लू की ब्यास नदी में अवैध खनन रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आधी रात के बाद खनन माफियों की ओर से ब्यास नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। इससे रोकने के लिए माइनिंग विभाग छापेमारी करने में असमर्थ है। इसी कारण खनन माफियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। वाहन सुविधा नहीं होने से माइनिंग विभाग को रात के समय खनन माफियों पर नकेल कसना कठिन हो गया है। लिहाजा, माइनिंग विभाग ने इस स्थिति में रात के समय छापेमारी करने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
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भुंतर और बजौरा के बीच ब्यास नदी में अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग की ओर से रात के समय कार्रवाई नहीं करने पर खनन माफिया और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। आधी रात के बाद ब्यास नदी में खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। लगातार अवैध खनन होने से भुंतर एयरपोर्ट को भी खतरा हो सकता है। लगातार खनन से एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार को खतरा है। यह सिलसिला पिछले डेढ़ दशक से जारी है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रशासन और विभाग द्वारा कोई उचित उपाय अभी तक नहीं निकाला गया है।

अवैध खनन न रूकने का कारण माइनिंग विभाग के पास वाहन सुविधा न होना भी बताया जा रहा है। जिला के मनाली, पहलीकूहल, भुंतर और बजौरा में ब्यास नदी में हो रहे अवैध खनन रोकने के लिए रात के समय बिना वाहन के माइनिंग विभाग के अधिकारियों को जाना बड़ा मुश्किल हो गया है। जिला कुल्लू में बिना वाहन के रात के समय खनन माफियों पर नुकेल कसना मुश्किल हो गया है। दिन के समय जहां-जहां भी विभाग के अधिकारी छापेमारी करते हैं, बसों में सफर कर जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कई खनन माफिया भाग जाते हैं।
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इस बारे में माइनिंग अधिकारी बिंदिया रानी का कहना है कि तीन सालों में 225 से अधिक केसों पर विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। खनन माफियों से 16 लाख जुर्माना वसूल किया है। वाहन नहीं होने से छापेमारी करने में दिक्कत आ रही है।
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