कुल्लू। भुंतर में रेप के बाद बच्ची की हत्या मामले में करीब एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मामला पूरी तरह से उलझ गया है। प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण नहीं होने से अब पुलिस को जांच में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, पूर्व में पुलिस केस सुलझाने के काफी नजदीक होने का दावा कर चुकी है, लेकिन अभी तक केस में एक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। अस्थायी तौर पर रहने वाले प्रवासी मजदूरों का थाने में पंजीकरण न होना इस केस को सुलझाने में बड़ी बाधा बन रहा है। सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध के प्रवासी होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सभी प्रवासियों का रिकॉर्ड न होने के कारण अब उक्त संदिग्ध को ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो रहा है। पुलिस सुंदरनगर से लेकर मनाली तक कई झुग्गी-झोपड़ियों में संदिग्ध युवक को तलाश चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ ठोस सुराग नहीं लग पाया है। कड़ी मशक्कत के बाद जांच में कुछ हासिल न होने पर पुलिस संदिग्ध युवक का सीसीटीवी फुटेज के रिकॉर्ड से फोटो भी जारी कर चुकी है। मामला गर्माने के बाद संदिग्ध भूमिगत हो गया है। केस में प्रवासी मजदूरों से पूछताछ पर हंगामे के साथ चक्का जाम हो चुका है, जिसे पुलिस ने हल्के में लिया गया। एनएच बाधित करने पर भी केस तक दर्ज नहीं किया गया। परिणामस्वरूप प्रवासियों समेत कुल्लू के नेता पुलिस थाने तक घेराव को पहुंच गए थे। इधर, एसएचओ भुंतर अजय कुमार ने बताया कि स्थायी तौर पर रह रहे प्रवासियों का पंजीकरण किया गया है। घुमंतू प्रवासियों के एक जगह में अचानक आने और जाने से पंजीकरण करने में दिक्कतें रहती हैं। उधर, एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।