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पुलिस कर्मचारियों से मारपीट पर तीन लोगों को नौ माह कैद

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पुलिस कर्मचारियों से मारपीट
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पर तीन लोगों को नौ माह कैद
अलग-अलग धाराओं के तहत छह व तीन माह कारावास के आदेश
मनाली कोर्ट ने सुनाया फैसला, जुर्माना नहीं भरने पर भी होगी कैद
ग्रामीणों ने छोर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट बाहंग में पीटे थे पुलिस कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मनाली स्थित प्रशांत नेगी की अदालत ने पुलिस कर्मचारियों से मारपीट करने पर तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत तीन, छह व नौ माह की कैद सजा का फैसला सुनाया है। जुर्माना भरने के भी आदेश दिए हैं। जुर्माना नहीं भरने की सूरत पर कैद सजा भुगतनी होगी। उक्त तीन लोगों ने 2011 में गार्द ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मचारियों से मारपीट थी।
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तीन अगस्त 2011 को वाटर मिलर पावर कंपनी छोर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट बाहंग तहसील मनाली कुल्लू में पुलिस जवान गार्द ड्यूटी पर तैनात थे। इस बीच शाम करीब चार बजे कुछ लोग साथ लगते झरने के पास 70-80 लोग बैठे थे। मौके पर पाया कि कुछ लोग कंपनी के मैटीरियल का प्रयोग करके फेंसिंग कर रहे थे। यहां पूछताछ करने पर चमन लाल और साथियों ने मौके पर गए पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बाद में अन्य मौके पर बुलाए गए अन्य पुलिस जवानों से भी मारपीट की। बाद में इस संबंध में पुलिस थाना मनाली में मामला दर्ज किया गया। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में दायर किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों व गवाहों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी चमन लाल, मुरलीधर व प्रेम लाल को दोषी करार दिया और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत छह माह कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, नौ माह कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, तीन माह कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, छह माह कैद व एक हजार रुपये जुर्माना भरने का फैसला सुनाया। जुर्माना न भरने पर कैद सजा भुगतनी होगी। यह फैसला मनाली कोर्ट की ओर से गत बुधवार को सुनाया गया। इधर, सरकार की ओर से सहायक न्यायवादी नितिन शर्मा ने मुकदमे की पैरवी की और आरोपियों के विरुद्घ मुकदमा सिद्घ किया।
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