कुल्लू। नाबालिग के साथ दुराचार के एक मामले में सेशन जज कुल्लू राकेश चौधरी की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास के आदेश दिए। अदालत ने नाबालिग को अगवा करने पर दोषी को एक साल कठोर कैद की सजा सुनाई। अलग-अलग धाराओं के तहत 15 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत पर अलग-अलग धाराओं के तहत एक साल और तीन माह की कैद होगी।
जानकारी के अनुसार मई 2015 को पीड़ित नाबालिग अपने घर के पास मैदान में थी। इस दौरान पवन राठौर उर्फ पंकज उर्फ पंकू पुत्र ने गोल्डी नामक एक युवक के मोबाइल से फोन कर उसे मेला मैदान बंजार बुलाया। जहां पंकज ने उससे शादी करने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद वह रात होने पर आरोपी नाबालिग को अपनी कार में कालेज की तरफ ले गया और उसके साथ दुराचार किया। अगले दिन सुबह आरोपी सोझा स्थित एक गेस्ट हाउस में कमरा लिया और नाबालिग से दुराचार किया। बाद में आरोपी नाबालिग को दो-तीन दिन बाद शादी करने का झांसा देकर दाडूधार छोड़ आया। बाद में जब आरोपी को कोई अतापता नहीं लगा तो नाबालिग ने पूरे प्रकरण को अपनी बुआ को बताया। इसकी सूचना जब पीड़िता की मां को लगी तो उन्होंने पांच मई 2015 को बंजार थाना में केस दर्जकर किया। पुलिस ने आरोपी पवन राठौर उर्फ पंकज उर्फ पंकू के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने गवाहों व दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और उपरोक्त सजा सुनाई। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एनएस कटोच ने की। उन्होंने बताया कि मामले में 21 गवाहों को अदालत में पेश किया गया।