अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के त्रिलोकीनाथ मंदिर में 6 अगस्त 2018 की रात को हुई चोरी की गुत्थी सुलझ गई है। हालांकि लाहौल-स्पीति पुलिस ने इस घटना के करीब दो सप्ताह बाद ही शक के आधार पर चंबा जिला के तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सबूतों के अभाव के कारण प्रदेश हाईकोर्ट से तीनों ने अग्रिम जमानत ले ली थी।
अब फोरेंसिक टीम की ओर से जुटाए गए सबूतों की जांच में खुलासा हुआ है कि चोरी की वारदात को चंबा के उन्हीं तीन आरोपियों ने अंजाम दिया था, जिन्हें पहले पुलिस ने पकड़ा था। लाहौल-स्पीति पुलिस ने चोरी की इस वारदात की स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर ली है। पुलिस प्रदेश हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। हाईकोर्ट के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसपी लाहौल-स्पीति राजेश धर्माणी ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस की एसआईटी गठित की गई थी। इसमें एसआई मोती राम, एएसआई राजेश, एचसी भरत भूषण और आरक्षी प्रवेश कुमार शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस घटना में मंदिर के दरवाजों और दानपात्र के फिंगर प्रिंट फोरेंसिक जांच के लिए भेजे थे। ये फिंगर प्रिंट तीनों आरोपियों के साथ मैच हो गए हैं। इससे यह बात साफ हो गया है कि चोरी उन्होंने की थी। चोरी मामले के आरोपियों की पहचान चंबा के गवाड़ी निवासी 29 वर्षीय इब्राहिम उर्फ भाऊ, 21 वर्षीय गाजिया हुसैन और चरड़ा चुराह का 27 वर्षीय सांय शामिल हैं। शातिरों ने दानपात्र से करीब एक लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया था। हालांकि चोरी के दौरान उन्होंने एक सीसीटीवी कैमरे को भी नुकसान पहुुंचाया था। उसे तोड़ते हुए एक आरोपी कैमरे में कैद हो गया था। इतना ही नहीं वारदात के दौरान उसने जो स्वेटर पहनी थी, वह भी पुलिस ने बरामद कर ली है। एसपी ने कहा कि मामले को लेकर आगामी कार्रवाई की जा रही है।