कुल्लू/भुंतर/खराहल। जिला में दिवाली की रात को आग की अलग-अलग पांच घटनाओं में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग से गड़सा बस स्टैंड में पांच दुकानें जलकर राख हो गई। वहीं टापू में गौशाला में लगी आग में एक गाय भी जिंदा जलकर मर गई और दूसरी झुलस गई। खराहल घाटी के गांव थरमाण, किंजा और तलोगी में घास के पांच कोठे भी जले हैं। आग की इन घटनाओं में पांच लाख का नुकसान हुआ है। वहीं करीब एक करोड़ की संपत्ति को जलने से बचाया गया है। आग लगने की वजह हवाई रॉकेट और पटाखे बताए जा रहे हैं।
अग्रिमशन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार 11:30 बजे खराहल घाटी के किंजा गांव में घास के दो कोठों में आग लग गई। मौके पर पहुंचकर साथ लगते मकान को आग से बचाया गया। शाम करीब 8:15 बजे तलोगी गांव में दो घास के कोठे जले। यहां पर साथ लगते मकान को आग से बचाया गया। इसके बाद रात करीब 9 बजे रामशिला के साथ लगते जंगल में आग भड़की। जिसमें चीड़ की पत्तियों सहित कई पेड़ झुलसे।
वहीं जिला मुख्यालय के दूसरी तरफ टापू में देर रात एक गौशाला में आग लग गई। गौशाला में एक गाय जिंदा जल गई और दूसरी भी आग से झुलस गई। आग से करीब 90 हजार का नुकसान हुआ। इधर दीवाली को देर रात गड़सा के बस स्टैंड में संत राम की पांच दुकानें भी जलकर राख हो गईं। पांच दुकानों में चार किराए पर थी। आग की इस घटना में 3.30 लाख का नुकसान हुआ है।
इस संबंध अग्रिशमन अधिकारी कुल्लू दुर्गा दास ठाकुर ने कहा कि दीवाली के दौरान 24 घंटों में आग की अलग-अलग घटनाओं में लाखों का नुकसान हुआ है। जबकि करीब एक करोड़ की संपत्ति को जलने से बचाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अपने घरों से कुछ दूरी पर ही घास का भंडारण करे।