तीस हजार की आबादी के लिए सिर्फ आठ बसें
बंजार से शाम को घर जाने के लिए लोगों के पास नहीं है दूसरा विकल्प
बसों में सीट मिलना तो दूर खड़े होने के लिए भी नहीं मिलती जगह
हरिकृष्ण कौल
बंजार (कुल्लू)। कुल्लू और मंडी जिले की सराज घाटी की 13 पंचायतों की लगभग 30 हजार की आबादी मात्र आठ बसों में सफर करने को मजबूर है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र को जोड़ने वाले बंजार गाड़ागुशैणी छतरी करसोग जंजहैली रूट पर आज भी मात्र आठ बसें चल रही हैं। इनमें एचआरटीसी की 5 और तीन प्राइवेट बसें चल रही हैं। लोगों को शाम के समय अपने घर जाना होता है। ऐसे में लोगों के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होता है। मजबूरी में लोगों को खचाखच भरी बस में बैठना पड़ता है, जो इस रूट पर हादसे का कारण बना है।
स्थानीय निवासी नवल किशोर चौहान, चमन लाल, मेहर सिंह, तेज सिंह और हेम राज ने कहा कि बसों की कमी के चलते जिला कुल्लू और मंडी की 13 पंचायतों चैहणी, खाड़ागाड़, तांदी, बाहू, मोहनी, खावल, टील, सराज के साथ बगड़ाथाच, खौली, थाचाधार, घाट, कटवाणु के ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को बसें कम होने के कारण तो कई बार बस में सीट तो दूर खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाती है। प्राइवेट बसों के समय के आसपास अतिरिक्त सरकारी बसों की टाइमिंग को जोड़ा जाए तो बसों में भीड़ नहीं होगी। अगर मंडी से गाड़ागुशैणी घाट की ओर जाने वाली बस को वाया लांहुड लटीपरी की जगह वाया जिभी भेजा जाए तो लोगों और सुविधा प्रदान होगी। उन्होंने कहा कि कम बसें होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए नई बसें शुरू नहीं की हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस रूटों पर अतिरिक्त बसों का लगाया जाए।