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चरस तस्करी पर दोषी को दस साल कारावास

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न्यायालय - फोटो : file photo
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कुल्लू। स्पेशल जज दो कुल्लू जिया लाल आजाद की अदालत ने एक चरस तस्करी के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कारावास सजा का फैसला सुनाया। अदालत ने एक लाख रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत पर पर एक साल कैद भुगतनी होगी। पुलिस ने आरोपी को वर्ष 2016 में डेढ़ किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
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जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल 2016 को हैड कांस्टेबल अनिल कुमार और एचएचसी महेंद्र पाल बटार हरिपुर सड़क में सरकारी वाहन के माध्यम से रात्रि गश्त पर थे। गाड़ी एचएचसी प्रेम चला रहा था। इस बीच करीब साढ़े दस बजे वह वाहन से ही सोमवन पहुंचे। सोमवन के पास उन्होंने एक व्यक्ति को बटार की तरफ से एक व्यक्ति को आते हुए देखा। जिसने हाथ में एक कैरी बैग पकड़ा हुआ था। पुलिस को देख उक्त व्यक्ति ने बैग फेंक दिया। जिस पर शक के आधार पर पुलिस ने उक्त व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम तारा चंद उर्फ तारा पुत्र स्व. हरि राम गांव सोयल डाकघर हरिपुर तहसील मनाली जिला कुल्लू बताया। छानबीन में पुलिस ने फेंके गए बैग से डेढ़ किलो चरस बरामद की। जिस पर पुलिस ने मनाली थाना में आरोपी के विरुद्घ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में दायर किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों व गवाहों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और दस साल कारावास व एक लाख जुर्माने के आदेश दिए। इधर, उप न्यायवादी पंकज धीमान ने शुक्रवार को कोर्ट से सजा होने की पुष्टि की है। बताया कि मामले में 12 गवाह पेश किए गए।
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