सैंज में आपदा के बाद लगने वाला खराब हुआ झूला, जो अब लटका हुआ है।
सैंज (कुल्लू)। घाटी में आपदा के दौर में लगाए गए झूला पुलों से गुजरने से अब लोग कतरा रहे हैं। सैंज बाजार में लगा झूला पुल बीच नदी में लटक रहा है। न्यूली का झूला पुल काम नहीं कर रहा है। नुनूरबहली में एक सप्ताह पहले ही झूला पुल तैयार किया तब तक ग्रामीणों ने अपने खर्च पर पुलिया बना दी थी। आपदा में घाटी की सात दुर्गम पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से कटा रहा। इन क्षेत्रों में सड़कें तहस-नहस हो गईं।
सिउंड से आगे सभी पुल बह गए थे। सैंज तहसील की देहुरीधार पंचायत के रोपा और नुनूरबहली, शैंशर पंचायत के न्यूली, गाड़ापारली आदि में झूला पुल लगाए गए हैं। देहुरीधार पंचायत के प्रधान भगत राम और पूर्व प्रधान निर्मला देवी, ग्रामीण देवेंद्र कुमार, ज्ञान चंद, रोशन लाल, प्रेम चंद और देवी सिंह ने बताया कि दुर्गम गांवों के लोगों को उम्मीद थी कि झूला पुल लगने से राहत मिलेगी।
घटिया निर्माण होने से लोग इन पुलों से गुजरने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने झूला पुलों के निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग के अधिशासी अभियतां जीएल ठाकुर ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। टूटे झूला पुलों की मरम्मत का काम जल्द शुरू करवाया जाएगा। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि अगर झूला पुलों के निर्माण में कोई कोताही हुई है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। संवाद