भुंतर/कुल्लू। जिले के प्रवेशद्वार भुंतर में वीरवार को देवताओं के आगमन के साथ जिला स्तरीय भुंतर मेले का आगाज हुआ। दोपहर बाद भुंतर में देवी-देवताओं का आगमन शुरू हुआ। शाम चार बजे के बाद देवता मेला स्थल पर जुटना शुरू हो गए।
इसके बाद देवताओं का भव्य मिलन भी हुआ। ढोेल नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से पूरा भुंतर शहर गूंज उठा। भुंतर मेले में पारला भुंतर के देवता के सूरजपाल, शमशी की माता ज्वाला, बजौरा के देवता बालक महेश्वर, कलैहली की नैणा माता, नगवाईं की माता कोयला, परगाणू के देवता घटोत्कच शामिल हुए। देवताओं के भव्य देवरथों को देखने के लिए पर्यटक और स्थानीय लोग भी काफी अधिक संख्या में उमड़ पड़े।
देवता यहां पर अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान होंगे। चार दिनों तक चलने वाले मेले में हर दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या में जिला और प्रदेश के अन्य हिस्सों से कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
भुंतर मेला कमेटी के अध्यक्ष पवन ने कहा कि मेले में स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले को लेकर क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। संवाद