कुल्लू। जिले में ब्यास की बाढ़ से कम से कम नुकसान हो, इसके लिए रामशिला से लेकर भुंतर तक तटीकरण किया जाएगा। जल शक्ति विभाग ने तटीकरण के लिए 200 करोड़ की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की है।
इसे मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। रामशिला से भूतनाथ मंदिर के पास, शीशामाटी से हनुमानी बाग तक एक तरफ का सरवरी खड्ड का क्षेत्र, लंकाबेकर के साथ लगता क्षेत्र, मौहल नेचर पार्क, भुंतर के समीप हाथीथान में नदी का तटीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही मणिकर्ण और कसोल कस्बे को तटीकरण कर सुरक्षित किया जाएगा।
बता दें कि ब्यास में आई बाढ़ के कारण मनाली से बजौरा तक नदी के बीचोबीच कई जगहों पर भारी मलबा जमा हो गया है। नदी का प्रवाह मलबे के दोनों तरफ है। इससे बाढ़ से नुकसान का खतरा कई जगहों पर बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगले साल बाढ़ आने की सूरत में और अधिक नुकसान हो सकता है।
बाढ़ के दौरान एक बात सामने आई कि जहां पर ब्यास किनारे आरसीसी की मोटी दीवारें थीं, वहां पर कम नुकसान हुआ। कच्ची जगह और क्रेटवायर बाढ़ को सहन नहीं कर पाए।
अभी भी ब्यास के खतरे की जद में मनाली से बाहंग और औट तक कई रिहायशी क्षेत्र हैं। आपदा के बाद सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने रामशिला से लेकर भुंतर तक ब्यास के तटीकरण की पहल करते हुए जल शक्ति विभाग को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे।
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विभाग ने कुल्लू जिले में आई आपदा के बाद रामशिला से लेकर भुंतर तक ब्यास के तटीकरण की 200 करोड़ की डीपीआर बनाई है। इसे मंजूरी के लिए भेजा गया है।
-अमित, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग
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अखाड़ा बाजार को आरसीसी की दीवार ने बचाया
ब्यास में आई बाढ़ ने मनाली, बाहंग से लेकर औट तक सब कुछ तहस-नहस कर दिया। अखाड़ा बाजार को आरसीसी की दीवार ने बचा लिया।अखाड़ा बाजार में पार्किंग के लिए नदी किनारे करीब एक किलोमीटर के दायरे में आरसीसी की दीवार लगाई गई थी। इससे अखाड़ा बाजार में कुछ भी नुकसान नहीं हुआ।
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