जिला कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को भी हिमपात हुआ है। मंगलवार को एकाएक बदले मौसम के करवट से मनाली में भी हल्के बर्फ के फाहे गिरे हैं। बर्फ के फाहे देख मनाली में सैर सपाटे के लिए आए सैलानी काफी खुश हैं। रोहतांग दर्रा, जलोड़ी दर्रा व मनाली समेत पूरी घाटी की पहाड़ियों में हुई हल्की बर्फबारी से घाटी शीतलहर के साथ कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गई है। एक दिन मौसम साफ रहने के बाद जिला में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। पहले से परेशानियों से जूझ रहे जिलावासियों की चिंता बढ़ने लगी है। लोग ठंड से बचने के लिए आग, अंगीठी, तंदूर और हीटर का सहारा ले रहे हैं। वहीं, पांच दिन बाद भी घाटी का जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। लोनिवि की चार दर्जन से अधिक सड़कें बंद चल रही हैं। जिसके चलते एचआरटीसी कुल्लू की छह बसें अभी बस्तोरी, ब्यासर और खनाग में फंसी पड़ी हैं। पहाड़ों में पड़ी भारी बर्फबारी पेयजल स्कीमों को दुरुस्त करने में बाधा बन रही है। जिसके कारण पेयजल बहाली में अभी समय लगेगा। बिजली बोर्ड भी बिजली की सप्लाई करने के लिए खूब पसीना बहा रहा है। बावजूद जिला की बंजार घाटी के कई दुर्गम गांवों के साथ, लगवैली, मणिकर्ण तथा रघुपुर घाटी समेत जिला के कई गांव अंधेरे में गुजार बसर को मजबूर है। आरएम कुल्लू पवन शर्मा ने कहा कि एचआरटसी की छह बसें पांच दिन बाद भी नहीं निकल सकी है। निगम के 35 रुट अभी भी प्रभावित चल रहे हैं।