चार दिन चले भुंतर मेले का समापन, भक्तिमय रहा माहौल
माता ज्वाला और देवता सूरजपाल के दर्शन करने उमड़े लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। जिले के प्रवेश द्वार भुंतर में चल रहे चार दिवसीय भुंतर मेले का बुधवार को समापन हो गया। देवमिलन के बाद देवालय अपने देवालय लौट गए हैं।
भुंतर में चार दिन तक देवी-देवताओं की उपस्थिति के चलते माहौल भक्तिमय बना रहा। दूसरी ओर से माता ज्वाला और बड़ा भूईन के देवता सूरजपाल मंगलवार शाम को शमशी स्थित माता ज्वाला मंदिर में पहुंचे। मंदिर में पहुुंचने के बाद माता ज्वाला और देवता सूरजपाल ने देव परंपरा का निर्वहन किया। देवखेल और अन्य परंपरा को देखने के लिए शमशी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके बाद वाद्ययंत्रों की थाप पर पूजा-आराधना भी हुई। श्रद्धालु मनी राम, विपिन भारती और निशांत ने कहा कि कुल्लू घाटी में होने वाली मेलों में देवी-देवताओं की उपस्थिति इनकी रौनक बढ़ा देते हैं। भुंतर मेले के अंतिम दिन खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। संवाद