कुल्लू। देवभूमि कुल्लू में 31 दिसंबर की रात जश्न में डूबी रही। वहीं, न्यूर ईयर पर बर्फ का दीदार नहीं होने से पर्यटकों को मासूस होना पड़ा। आसमान में पूरा दिन बादल ही छाए रहे। हालांकि न्यू ईयर का संबंध बर्फ के साथ नजदीकी का है और बाहरी राज्यों के पर्यटक स्नो फाल देखने के लिए न्यू ईयर पर कुल्लू-मनाली की वादियों में आए हुए थे। पर्यटक मंगलवार को आसमान की ओर देखते ही रहे, लेकिन आसमान से बारिश की बूंद तक नहीं गिरी। इससे पहले क्रिसमस भी बिना बर्फ के फीकी रही। लोगों ने न्यू ईयर पर स्नो फाल होने की आस लगाई थी। मनाली न्यू ईयर मनाने आए दिल्ली के पर्यटक कुलदीप ने बताया कि मनाली में थर्टी फर्स्ट की रात को धूमधाम से मनाया, लेकिन ताजा हिमपात के दीदार नहीं कर पाए। वहीं पंजाब से आए सुरजीत सिंह का कहना है कि तीन-चार वर्षों से लेकर न्यू ईयर पर मनाली की वादियों का रुख करते आ रहे हैं और न्यू ईयर को बर्फ के बीच में मनाया है, लेकिन 2013 की न्यू ईयर में को स्नोफाल ने होने से कुछ खास नहीं रही है। बहरहाल इस वर्ष न्यू ईयर पर बर्फ न गिरने से खासकर बाहरी राज्यों से पर्यटकों को मायूसी हाथ लगी। हालांकि मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल तो छाए रहे।