कुल्लू।
सीपीआईएम के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन का शनिवार को आगाज हुआ। सैकड़ों सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने रामशिला से लेकर ढालपुर तक रैली निकाली। ढालपुर में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने केंद्र, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। सीपीआईएम के हिमाचल प्रभारी विजय राघवन ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारें बारी-बारी से शासन करती रही हैं। दोनों सरकारों ने गरीब, मजदूर और दलित वर्ग के लिए कुछ काम नहीं किया। हिमाचल प्रदेश पर 48000 करोड़ का कर्जा है बावजूद इसके प्रदेश में किसानों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। सीपीआईएम की पोलित ब्यूरो सदस्य एवं पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि देश का किसान आत्महत्या कर रहा है। केंद्र सरकार के बड़े नेताओं के तथाकथित रिश्तेदार देश का पैसा लूट कर देश छोड़ रहे हैं। सरकार खामोश है। सीपीआईएम के राज्य सचिव एवं ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार आने के बाद हालात नहीं बदले हैं। किसानों को जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। उनकी भूमि से पेड़, बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। प्रदेश में दोनों पार्टियों का एक ही मकसद है। सीपीआईएम अपनी मांगों को लेकर तीन अप्रैल को विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करेगी। इसमें प्रदेश भर के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इस दौरान सीपीआईएम के राज्य सचिव ओंकार शाद, प्रेम गौतम, होतम सौंखला, सरचंद आदि मौजूद रहे।