कोकसर (लाहौल स्पीति)। रोहतांग दर्रा पर पैदल कदमताल करने वालों के लिए कोकसर और मढ़ी स्थापित बचाव चौकियों को बंद कर दिया गया है। बचाव चौकियां बंद होने से अब रोहतांग पैदल पार करना जोखिम भरा है। मुश्किल में फंसने पर मदद नहीं मिल पाएगी। जिला प्रशासन और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली द्वारा रोहतांग दर्रा पैदल कदमताल करने वालों की सहायता के लिए बचाव चौकियां स्थापित की गई थीं। अमूमन 15 नवंबर से 31 दिसंबर और 15 मार्च से 15 मई तक सीजन में दो मर्तबा बचाव चौकियां स्थापित की जाती रही हैं। गत दिनों हुए बर्फबारी के बाद रोहतांग दर्रा पर किसी भी यात्री ने लांघने का जोखिम नहीं उठाया है। इसलिए प्रशासन ने एक सप्ताह पहले ही चौकियां बंद करने का फैसला लिया है। बचाव चौकियों के बंद होने से अब एकमात्र सहारा हेलीकॉप्टर सेवा ही है। रोहतांग सुरंग निर्माण स्थल से बीआरओ और प्रशासन की अनुमति से केवल रेफर किए गए मरीज के अतिरिक्त आपातकालीन लोगों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि रोहतांग दर्रा से मौसम साफ होने के बावजूद बीते दो हफ्ते से किसी भी यात्री की आवाजाही नहीं होने की सूरत में जिला प्रशासन और अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली द्वारा आगामी मार्च तक बंद करने जा निर्णय लिया है। नेगी ने कहा कि मंगलवार से कोकसर और मढ़ी स्थित बचाव चौकियां हटा दी गई हैं। लिहाजा लोग रोहतांग के रास्ते पैदल न लांघने का जोखिम न उठाएं। कहा कि सरकार द्वारा घाटी के लिए हवाई सेवा शुरू कर दी है, लिहाजा यात्री इसका लाभ उठाएं।