उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के साथ ही नदी-नाले उफान पर हैं। मयाड़ नाले का जलस्तर बढ़ने से करपट गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल से आवाजाही बंद हो गई है। जान जोखिम में डालकर लोगों को लटकते झूले से नाले को पार करना पड़ रहा है। ऐसे में यहां पर कभी भी हादसा पेश आ सकता है। करपट गांव के 9 से जमा दो तक पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को 6 किलोमीटर दूर तिंगरेट तक इसी पुल और झूले से होकर आवाजाही करनी पड़ती है। उपमंडल उदयपुर के तहत चिमरेट पंचायत के 32 घरों की आबादी वाले करपट गांव के लोग मुश्किल में हैं। स्थानीय पंचायत प्रधान प्रेमदासी, रीना, हिमदेई, तेजिंग अंगमो, संतोष कुमारी, शिवदेई, विमला, शांति और नीमा देवी ने बताया कि वे हर बार विधायक लाहौल स्पीति रवि ठाकुर से रपट पुल के साथ नदी तट पर क्रेट वॉल लगाने की गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन मसले को लेकर विधायक ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। लोक निर्माण विभाग ने पुल के एक तरफ क्रेट वॉल लगाई है, लेकिन आधा काम करने के बाद छोड़ दिया गया। मयाड़ नाले का जलस्तर बढ़ते ही पुल के कुछ दूरी पर नदी का रुख बाहर की ओर रहा है, जिससे पुल के लिए रास्ता ही कट जाता है। विभाग जल्द इस पर स्थिति स्पष्ट करे अन्यथा सीएम के प्रस्तावित लाहौल दौरे पर महिला मंडल धरना प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेगा। महिला मंडल ने प्रशासन और सरकार को चेताया है कि 15 दिनों के अंदर व्यवस्थाओं में सुधार करने का अल्टीमेटम दिया है। इधर, लोनिवि चिनाव मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता चमन लाल ठाकुर ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो स्थिति का जायजा लेकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।