अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग होकर लाहौल घाटी जाने वाले सैलानियों के होटल वाउचर चेक किए जाएंगे। एसडीएम कार्यालय में क्रॉस चेक के बाद ही सैलानी लाहौल घाटी का रुख कर पाएंगे। लाहौल परमिट के नाम पर रोहतांग दर्रा घूमकर वापस लौटने वाले सैलानियों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने लाहौल घाटी के होटलों का डाटा भी मंगवाया है, जिसमें कमरों और टेंट की संख्या रहेगी। सैलानियों के वाउचर का होटल के कमरों की संख्या के साथ मिलान किया जाएगा। इसी के बाद आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पूर्व में सीधे वाउचर मिलने पर पर्यटकों को गुलाबा से छोड़ा जाता था। ऐसे में एक ही होटल के नाम के वाउचर अधिक होने पर प्रशासन ने यह फैसला लिया है। जबकि, कई होटलों में वाउचर के मुताबिक कमरों की संख्या तक नहीं होती थी। रोहतांग जाने के लिए दिन में 1200 वाहनों की संख्या ही निर्धारित की गई है, लेकिन लाहौल परमिट लेकर वाहन कोकसर में स्टैंप लगाकर एक ही दिन में वापस लौट आते हैं। वाउचर पेश करने के बाद सब कुछ सही पाए जाने पर 50 रुपये कंजेशन चार्ज वसूलने पर सैलानी वाहन लेकर लाहौल घाटी जा सकेंगे। लाहौल घाटी के परमिट रोजाना ऑनलाइन बुक हो रहे थे लेकिन जिला मुख्यालय केलांग तक वाहन ही नहीं पहुंच रहे थे। उधर, एसडीएम रमन घरसंगी ने बताया कि रोहतांग से आगे जाने के लिए परमिट लेने वालों के लिए होटल बुकिंग वाउचर चेक किए जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।