एक करोड़ से बना देवता वीरनाथ का मंदिर
11 देवी-देवताओं ने प्रतिष्ठा कार्यक्रम में लिया भाग
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष नवाया शीश
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। राइट बैक के बैंची गांव में विराजमान देवता वीर नाथ का मंदिर करीब एक करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। मंदिर की प्रतिष्ठा बैंची में देवविधि के साथ संपन्न हुई। मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए घाटी के ग्यारह देवी-देवताओं ने भाग लिया। तमाम देव कार्य देवविधान के साथ बुधवार को संपन्न हो गए। इस मौके पर सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाज कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर के प्रांगण में देव भोज का भी आयोजन किया गया। मंदिर प्रतिष्ठा में घाटी की माता काली ओढ़ी शिरढ़, जुआणी महादेव, बाबा वीर नाथ व्यासर, फूगंणी माता, वीर नाथ बंदरोल, काली माता, शेष नाग बैंची, शेष नाग छाटनसेरी, काली नाग शिरढ़, परमेश्वरी माता और कुंमर दान आदि देवी-देवताओं ने ढोल की थाप पर देवलुओं संग हिस्सा लिया। गांव में तीन दिन तक माहौल देवमयी बना रहा। वीर नाथ के कायथ चमन शर्मा ने बताया कि नए मंदिर के निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठा में घाटी के ग्यारह देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया था। तीन दिन चक चले देव कारज का देव विधि के अनुसार समापन किया गया। वीरवार को देवी-देवता अपने देवालय लौट गए। जुआणी महादेव के कारदार ओम प्रकाश महंत ने कहा कि जुआणी महादेव ने भी प्रमुख रूप से इस देव आयोजन में हाजिरी भरी। देवता को कई जगह पर हलवा आदि का प्रसाद भी चढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रतिष्ठा के लिए देवता को विशेष तौर पर निमंत्रण दिया गया था।