ऑनलाइन होगा उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड
डीसी ने की खाद्य आपूर्ति की योजनाओं की समीक्षा
खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। उपायुक्त यूनुस ने बुधवार को खाद्य वितरण से संबंधित जिला स्तरीय सतर्कता समिति और जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की अलग-अलग बैठकों की अध्यक्षता करके खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। डीसी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कुल्लू जिले में 2,34,926 उपभोक्ताओं के चयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं का चयन कर लिया गया है लेकिन शहरी क्षेत्रों में अभी 4948 उपभोक्ताओं का चयन किया जाना बाकी है। उपायुक्त ने जिल के नगर निकाय क्षेत्रों में ऐसे संभावित उपभोक्ताओं को जल्द चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब खाद्यन्नों की वितरण व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है। उपभोक्ताओं को डिजिटल राशन कार्ड दिए गए हैं। विभागीय पोर्टल में छूटे उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को भी जल्द ऑनलाइन करने के लिए उपायुक्त ने डीआरडीए के अधिकारियों से कहा कि वे पंचायत सचिवों के माध्यम से डिजिटल राशन कार्डों की इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा करवाएं। जिले में उचित मूल्य की कुल 442 में से 438 दुकानों में पीओएस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्नों का वितरण किया जा रहा है। चार डिपो होल्डरों के त्यागपत्र के कारण इनकी मशीनें बंद हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर से फरवरी तक जिले के उपभोक्ताओं को 24 करोड़ 35 लाख रुपये के खाद्यान्न और अन्य सामान वितरित किया गया। डीसी ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे उचित मूल्य की दुकानों और विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करें तथा खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। बैठक में विभिन्न मदों का विस्तृत ब्योरा पेश करते हुए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक शिव राम ने बताया कि विभाग ने पिछले तीन माह के दौरान 611 औचक निरीक्षण भी किए हैं। इस दौरान 36 मामलों में अनियमितताएं पाई गईं। रेट लिस्ट न लगाने वाले दुकानदारों और जमाखोरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। खाद्यान्नों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए अलग-अलग स्थानों से 27 सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं, जो सही पाए गए हैं।