केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति जिले में भारी बर्फबारी के बाद से अब तक 276 संपर्क सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। सड़कें बंद रहने से घाटी में सबसे अधिक दिक्कत मयाड़ घाटी के साथ नैनगार और दारचा पंचायत के अंतर्गत योचे गांव के लोगों के लिए उपमंडल और जिला मुख्यालय पहुंचना चुनौती बन गया है। मयाड़ घाटी का अंतिम गांव खंजर उपमंडल उदयपुर से 32 किमी जबकि योचे गांव अपनी पंचायत दारचा से 12 किलोमीटर दूर है। संपर्क मार्ग बंद रहने से इन गांवों के लोगों को अपने जरूरी कामकाज के लिए भारी बर्फ के बीच कदमताल करनी पड़ रहा है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने मयाड़ घाटी की सड़क की बहाली का कार्य शुरू कर दिया है। विभाग को खंजर सड़क तक बहाली में समय लग सकता है। ऐसे में तिंगरेट और चिमरेट पंचायतों के लोग एक सप्ताह से उपमंडल उदयपुर से कटे हुए हैं।
लाहौल-स्पीति जिले में लोक निर्माण विभाग की 290 संपर्क सड़कें हैं। इनमें लाहौल (केलांग) मंडल की 86 और उदयपुर मंडल में 48 और स्पीति घाटी की 156 सड़कें शामिल हैं। अभी तक लाहौल मंडल में 75, उदयपुर में 48 और स्पीति में 153 संपर्क मार्ग बर्फबारी से यातायात के लिए बंद हैं।
अटल टनल रोहतांग से दारचा, तांदी से कडुनाला व समदो से मोरंग सड़क फोर बाई फोर व चेन वाली गाड़ियों के लिए बहाल है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने एक और दो मार्च को येलो अलर्ट जारी किया है। अटल टनल रोहतांग बनने के बाद सरकार ने शीतकालीन हेलिकाप्टर सेवा भी बंद कर दी है। इससे घाटी के संपर्क मार्ग खुलने का लोगों में इंतजार रहता है। लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता पवन राणा ने बताया कि घाटी में मौसम खुलने के बाद चरणबद्ध तरीके से संपर्क सड़कों की बहाली का कार्य चल रहा है।