अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। जिले के कई क्षेत्रों में उठाऊ सिंचाई योजनाओं की हालत दयनीय है। इन सिंचाई योजनाओं की कूहलें कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मुख्यालय के साथ सटी खराहल घाटी के लिए निर्मित न्योली-थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना अनदेखी की शिकार है। योजना के तहत 98.4 हेक्टेयर भूमि महज कागजों में ही सिंचित हो रही है। हकीकत की बात करें तो मुश्किल से 40 हेक्टेयर भूमि भी सिंचित नहीं हो रही है। इसके मुख्य कारण योजना की कूहलें कई जगहों पर टूटी-फूटी हैं। वहीं, क्षेत्र में पक्की कूहलों का निर्माण न होने से किसानों के खेतों तक भरपूर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में खेतों में सिंचाई नहीं हो पाती है। यही हाल सेउबाग उठाऊ सिंचाई योजना का है। इस योजना के तहत 74 हेक्टेयर भूमि कागजों में सिंचित हो रही है, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं है। ऐसे में किसानों को मुश्किलों को सामना करना पड़ता है। नई सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से लोगों को सिंचाई योजनाओं की मरम्मत की आस जगी है। घाटी के किसान राम नाथ, अमित, अनूप भंडारी, रामचंद, संजीव, कमल, चमन, अमर वर्मा, अनूप राम और श्याम चंद का कहना है कि लोगों को सिंचाई योजनाओं की कायाकल्प की उम्मीद अब मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से जगी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वन, परिवहन एवं युवा खेल मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कुल्लू भाजपा मंडल के महासचिव अमर ठाकुर कहते हैं कि योजनाओं के बारे में मंत्री को अवगत करवाया जाएगा और जो भी खामियां योजना में होंगी, उन्हें दुरुस्त करने का भरपूर प्रयास किया जाएगा।