उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल के स्कूलों में अब शिक्षक स्कूल से बंक नहीं मार सकेंगे। लाहौल के 19 वरिष्ठ माध्यमिक और चार हाई स्कूलों में जल्द बॉयोमीट्रिक मशीन लगने जा रही है। शिक्षा निदेशालय शिमला ने इसके बारे में शिक्षा उपनिदेशक लाहौल को पत्र जारी कर दिया है। घाटी के सभी स्कूलों में अध्यापकों को अपने स्कूल के मुखिया के पास आधार कार्ड की कॉपी और एक पासपोर्ट फोटो जमा करना होगा। यही नहीं, सभी अध्यापकों के ई-मले आईडी भी बनेंगे। बॉयोमीट्रिक मशीन लगने से स्कूल अध्यापकों को सुबह 10 से लेकर चार बजे तक स्कूल की समय सारिणी का पूरा पालन करना होगा। ऐसे में अब शिक्षकों की ड्यूटी में कोई कोताही सामने नहीं आएगी। यही नहीं, शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। सीसीटीवी और बॉयोमीट्रिक मशीनें लगने से स्कूल की हर व्यवस्थाएं सुदृढ़ हो जाएगी। शहरी स्कूलों की तर्ज पर अब ग्रामीण इलाकों के स्कूल भी हाईटेक होंगे। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए बॉयोमीट्रिक मशीनें लगाने की एक सराहनीय पहल की है। लोगों ने मशीन लगाने की इस पहल का स्वागत किया है। शिक्षा उपनिदेशक लाहौल प्रेमनाथ परशीरा ने कहा कि प्रारंभिक दौर में लाहौल घाटी के 19 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों और चार उच्च पाठशालाओं में जल्द बॉयोमीट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा स्कूलों की तमाम गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घाटी के कुछ प्रधानाचार्यों को अपने स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की आदेश दिए गए हैं।