अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (कुल्लू)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में नए साल का त्योहार हालडा के बाद अब ड्रोन उत्सव की धूम मची है। चंद्रा घाटी के तेलिंग, सिस्सू, शाशिन, गोमपथांग, शूलिग, रालिंग, गोंधला, यांगला, जागला, खोरपानी, खांगसर और तोद घाटी के तिनो, जिस्पा, दारचा, सूमदो, योचे, छिका, रारिक और गाहर घाटी में लोग एक-दूसरे के घर मेहमानबाजी के लिए बुला रहे हैं। सिस्सू पंचायत की प्रधान सुमन और उपप्रधान मनोज ने बताया कि हालडा उत्सव नए साल में मनाया जाने वाला देवताओं को समर्पित त्योहार है। जबकि, नए साल के बाद मनाया जा रहा ड्रोन उत्सव आपसी भाईचारा और गांव की एकता और अखंडता का प्रतीक है। इसमें एक-दूसरे के घर स्वादिष्ट पकवान परोसकर मनाया जाता है। खंगसर पंचायत की प्रधान छेरिंग डोलमा ने बताया कि इस पर्व को मनाने का कारण लाहौल-स्पीति की भौगोलिक परिस्थितियों में बर्फ के बीच सर्दियों के कठिन दिन को निकाल कर आगे बढ़ने का भी प्रतीक माना जाता है। कोकसर पंचायत की प्रधान अंजू ने बताया कि सिस्सू और कोकसर पंचायत में इसके बाद पूना पर्व देवता ड्राबला को समर्पित होगा और जगदांग तथा यंगलिंग पूना को राजा घेपन गूर के माध्यम से आगामी साल की भविष्यवाणी करेंगे।