लाहौल स्पीति की चंद्रा घाटी में बिजाई के बाद अच्छी फसल की कामना एवं खुशहाली के लिए बुम्सकोर उत्सव के दौरान परिक्रमा करते हुए।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की चंद्रा वैली में इन दिनों फसल बीजाई के बाद अच्छी फसल की कामना, खुशहाली और समृद्धि के लिए बुम्सकोर उत्सव मनाया जा रहा है। स्थानीय बोली में बुम्सकोर को बौद्ध पवित्र ग्रंथ कन्ज्ञूर कहते हैं। चंद्रा और गाहर घाटी के अलग-अलग हिस्सों में लामाओं की ओर से विषेश पूजा-अर्चना के बाद महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं से संबंधित बौद्ध ग्रंथ की परिक्रमा खेतों में की जा रही है। मुख्य लामा पलजोर की उपस्थिति में गोंधला के बने गोंपा में खुशहाली और विश्व शांति के लिए विशेष पूजा पाठ की गई। बौद्ध भिक्षुणी छिमेद युडोन लमो ने बताया कि बुम्स्कोर पर्व में बौद्ध पवित्र ग्रंथ कन्ज्ञूर की परिक्रमा स्थानीय महिलाओं की ओर से खेतों में की जाती है।