अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश शिक्षा बोर्ड की दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षा में लगातार दो साल तक 25 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले मुख्याध्यापक और अध्यापक नपेंगे। पिछले साल दसवीं कक्षा में एक दर्जन से अधिक जबकि जमा दो कक्षा में जिला कुल्लू के दो स्कूलों का रिजल्ट 25 फीसदी से कम रहा था। खराब परीक्षा परिणाम पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों को चेतावनी देकर परिणाम में सुधार करने को कहा था लेकिन दसवीं का परीक्षा परिणाम दो सरकारी स्कूल नहीं सुधार नहीं पाए हैं। खराब परिणाम को लेकर अब शिक्षा विभाग ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही दो सालों से अपने विषय में भी खराब रिजल्ट देने वाले अध्यापकों का इंक्रीमेंट बंद होगा। मुख्याध्यापक का भी इंक्रीमेंट बंद किया जाएगा। शिक्षा विभाग खराब परिणाम रहने पर यह कार्रवाई अमल में लाएगा। गौरतलब है कि इस बार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शैंशर में 36 विद्यार्थियों में एक ही पास हो पाया था। वहीं, भूमतीर स्कूल, नथाण स्कूल, आनी उपमंडल के तहत आने वाले च्वाई स्कूल का भी परिणाम बेहद खराब रहा है। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों से परिणाम मांगे जाने के बाद शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। इधर, शिक्षा उपनिदेशक जगदीश ने कहा कि दसवीं में लगातार दो साल तक दो स्कूलों का रिजल्ट खराब रहा है। इन स्कूल प्रमुखों से जवाब मांगा जाएगा। पिछले साल दी गई चेतावनी के बावजूद स्कूल के परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं आया है। इसलिए खराब रिजल्ट देने वाले अध्यापकों और मुख्याध्यापकों की इंक्रीमेंट बंद होगी।