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Kullu News: दशहरा के लिए शृंगा ऋषि सहित 12 देवी-देवता हुए रवाना

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बंजार घाटी के देवता जहल गांव कुटाची जिभी दशहरा उत्सव को रवाना होते हुए।-संवाद
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कुल्लू/बंजार। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए बाह्य सराज के दो, बंजार के 10 देवी-देवताओं ने प्रस्थान कर दिया है। कुल 12 देवी-देवता शनिवार को लाव-लश्कर के साथ दशहरा के लिए रवाना हुए। 20 अक्तूबर को तीन देवताओं ने दशहरा के लिए कूच किया था।
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बंजार घाटी के आराध्य देवता शृंगा ऋषि कोठी चैहणी से लाव-लश्कर के साथ दशहरा के लिए रवाना हुए। बंजार में श्रद्धालुओं ने शृंगा ऋषि का भव्य स्वागत किया। जीभी के देवता गढ़पति शेष नाग, देवता लक्ष्मी नारायण पझारी, माता गाड़ा दुर्गा बांदल, देवता चौरासी सिद्ध नाहीं, डिंगचा के काली नाग, लक्ष्मी नारायण तिंदर, लोमेश ऋषि पेखड़ी, देवता मार्कंडेय ऋषि पेड़चा, देवता जहल कुटाहची भी दशहरा के लिए अपने हारियानों के साथ निकले।
बाह्य सराज के देवता टकरासी नाग और कोट पझारी ने भी अपने देवालय से दशहरा के लिए प्रस्थान किया है। देवी-देवताओं का 22 अक्तूबर की रात्रि का पड़ाव बीच रास्ते में होगा। 23 अक्तूबर को देवी-देवता ढालपुर में पहुंच जाएंगे। देवताओं के यहां पहुंचते ही ढालपुर का मैदान देवनगरी में बदल जाएगा।
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सैंज घाटी के देवता रविवार को अपने देवालयों से निकलेंगे। बंजार घाटी में देवता लक्ष्मी नारायण कलवारी, देवता खोडू बांदल, देवता खुड़ी जहल, पांच वीर रविवार को दशहरा के लिए रवाना होंगे। देवता शृंगा ऋषि के पुजारी चानन शर्मा, इंद्रदेव शर्मा, पुजारी हेम राज शर्मा ने कहा कि दशहरा उत्सव के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर ढालपुर मैदान में पहुंचेंगे। देवलुओं में दशहरा को लेकर उत्साह है। श्रद्धालुओं की ओर से देवी-देवताओं के स्वागत के साथ जगह-जगह चायपान आदि की तैयारी कर ली गई हैं। संवाद
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