सेब और बिजली समस्या पर कांग्रेस का अल्टीमेटम
एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
आपदा के डेढ़ महीने बाद भी नहीं मिली राहत राशि : शशि
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। सेब को नुकसान और बिजली की समस्या को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि किरण की अध्यक्षता में कांग्रेस ने एसडीएम अमर नेगी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि 22 सितंबर को हुई बर्फबारी ने समूची घाटी में सेब से लदे लाखों पेड़ों को तबाह किया है, लेकिन राज्य सरकार ने घटना के डेढ़ महीने बाद भी जनजातीय बागबानों के लिए एक फूटी कौड़ी जारी नहीं की है। शशि किरण ने कहा कि राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार है जबकि लाहौल स्पीति से इस बार विधायक को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके बावजूद किसान बागबान राहत पैकेज के लिए तरस गए हैं। उन्होंने कहा कि लाहौल में सेब किसानों की आय का एक बड़ा साधन है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर नुकसान के बावजूद सरकार की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। कांग्रेस ने बिजली को भी मुद्दा बनाते हुए सरकार की घेराबंदी की है। ज्ञापन में कहा है कि बिजली गुल होने के तीन महीने बाद भी लाहौल घाटी की 50 फीसदी आबादी अभी तक अंधेरे में है। बिजली नहीं होने से सरकारी महकमों और बैंकों में ऑनलाइन कामकाज ठप है। लोगों के प्रमाणपत्र नहीं बन रहे हैं। बिजली गुल होने के साथ ही घाटी में टेलीफोन और इंटरनेट सुविधा भी नहीं है। जिला कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की है कि सर्दियों में रोहतांग टनल होकर सप्ताह में एक बार निगम की बसों की आवाजाही को मंजूरी दी जाए, ताकि घाटी में फंसने वाले मरीजों, परीक्षार्थियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। कांग्रेस ने इन तमाम मांगों को 15 दिन के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन को मजबूर होगी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस सचिव नोरबू बौद्ध, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष नोरबू थोलगपा, प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष वीर सिंह, किशन लाल और विकास समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।