रोहतांग के साथ चंद्रा घाटी में तीसरे दिन भी गिरी बर्फ
रोहतांग में 150 और कोकसर में हुई 90 सेंटीमीटर बर्फबारी
लाहौल और कुल्लू में फंसे सेब व्यापारियों और लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो।
कोकसर/कुल्लू। जिला कुल्लू और जनजातीय इलाकों में तीसरे दिन भी रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी रहा। रोहतांग दर्रा पर पिछले 60 घंटों में 150 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। वहीं, लाहौल के मुख्य द्वार कोकसर में भी तीन दिन में 90 सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ है। वहीं चंद्राघाटी के कोकसर, डिंफुक, तेलिंग, तोदचे, यंगलिंग, सिस्सू, गोंपाथांग, शूलिंग, रालिंग, खंगसर और गोंधला पंचायत में तीसरे दिन भी बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इससे लाहौल घाटी में फंसे सेब व्यापारियों और सेब पैकरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं कुल्लू और मनाली में फंसे लोग भी घाटी जाने के लिए बेचैन हैं। हालांकि रविवार को जिला मुख्यालय केलांग और पट्टन घाटी में सुबह से बादल छाए रहे। बीआरओ ने केलांग-दारचा और केलांग-उदयपुर मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है। इसके अलावा कोकसर स्थित बीआरओ ने रोहतांग दर्रा और कोकसर से रोहतांग सुरंग गुफा होटल तक सड़क से बर्फ हटाने का कार्य रविवार दोपहर बाद शुरू कर दिया है। नर्सरी-केलांग मार्ग से भी बर्फ हटाने के लिए मशीनें जुटी हैं। कोकसर स्थित बीआरओ के अधिकारी राजेश ने बताया कि दोपहर बाद कोकसर से रोहतांग दर्रा तक सड़क से बर्फ हटाने की मुहिम भी शुरू कर दी है। यदि मौसम का मिजाज ठीक रहा तो जल्द ही रोहतांग दर्रे से यातायात बहाल हो जाएगा। कोकसर के ग्रामीणों ने डिम्फुक-कोकसर मार्ग से शीघ्र बर्फ हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग से जेसीबी लगाने की गुहार लगाई है ताकि गांव में फंसे निजी वाहनों को मुख्य मार्ग तक ले जा सकें। उधर, कुल्लू में सुबह से मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद रोहतांग और सोलंगनाला में रुक-रुक कर बर्फ के फाहे गिरते रहे। जलोड़ी दर्रा पर भी करीब 20 सेंटीमीटर बर्फ होने से बाह्य सराज के लोगों को पैदल सफर कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है।