अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। रोहतांग दर्रा में बर्फ के दीदार के लिए गुलाबा बैरियर में अब परमिट में अंकित बार कोड को स्कैन किया जाएगा। बार कोड स्कैन होकर सही पाए जाने पर ही बूम बैरियर खुलेगा। ऐसे में फर्जी परमिट चंद सेकेंड में ही पकड़ में आ जाएंगे। इस संबंध में डीसी यूनुस ने आदेश जारी कर दिए हैं। अमर उजाला ने एक जून के अंक में गुलाबा बैरियर नाम का हाईटेक, सैलानी परेशान शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए डीसी यूनुस ने तुरंत प्रभाव से बार कोड को स्कैन करने के आदेश दिए हैं। गुलाबा बैरियर में मैनुअल धीमी गति में हो रही दस्तावेजों की जांच के कारण लंबा जाम लग रहा था, जबकि शासन और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। सुविधा होने के बावजूद बार कोड स्कैनर का उपयोग नहीं किया जा रहा था। मैनुअल कई फर्जी परमिट को पकड़ने में दिक्कतें पेश आ रही थीं। अब बार कोड को स्कैन करने पर यदि यह सही नहीं पाया जाता है तो तुरंत फर्जी परमिट का पता चल जाएगा। परमिट पर एक बार कोड अंकित किया गया है, जिसे स्कैनर के माध्यम से बैरियर में अब स्कैन किया जाएगा। चेकिंग के दौरान तिथि, गाड़ी का नंबर, डीजल या पेट्रोल समेत कई तरह की खामियां सामने आई हैं। रोहतांग जाने के लिए शातिर परमिट से छेड़छाड़ करते हुए पकड़े गए हैं। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि गुलाबा बैरियर में बार कोड स्कैन कर जांच परखने के आदेश दिए गए हैं। अवहेलनाओं को लेकर निगरानी की जा रही है।